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Wednesday, April 16, 2014

Being as an International RSS Cadet I have Great Pleasure to say that Lord Shiva is the 1st and Lord Shri Ram/ Krishna is the 2nd Greatest NEHRU (one who do NEH: PREM: LOVE with every living and non-living). I hope that this disclosed fact (which was hidded for a large number of people till date) will give a best humanity to the World. I hope also that this is the best SHRADDHANJALI to my Nani Brahma Devi (SARASWATI Maan) who was one of the best Priest of Lord Shiva since her Child life to her death.. ----(Forget that Nehru means Canal or Ponds or River or Ocean)

Being as an International RSS Cadet I have Great Pleasure to say that Lord Shiva is the 1st and Lord Shri Ram/ Krishna is the 2nd Greatest NEHRU (one who do NEH: PREM: LOVE with every living and non-living). I hope that this disclosed fact (which was hidden for a large number of people till date) will give a best humanity to the World. I hope also that this is the best SHRADDHANJALI to my Nani Brahma Devi (SARASWATI Maan) who was one of the best Priest of Lord Shiva since her Child life to her death.<late : at the Age of 90 year she died-15 April 2014; the occasion of Hanuman (Rudra:Shiva Avtar) Jayanti>. ----(Forget that Nehru means Canal or Ponds or River or Ocean)

Saturday, April 12, 2014

यह सत्य है की हम सब उसी परमपिता ब्रह्मा की संतान है। अतः वशुधैव कुटुम्बम:- सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामय। सर्वे भद्राणि पश्यन्ति मां कश्चिद्दुः भागभवेति। ---------पर सज्जन, सत्कर्म और सदगुण को समुचित महत्व देते हुए सामाजिक समरसता और समता मूलक समाज को बनाये की स्थापना और उसे बनाये रखने की क्रियाशीलता कभी अलोक-तांत्रिक नहीं कही जा सकती जो किशी के जीवन के मौलिक अधिकार का हनन नहीं करता है। जैसे किशी राजनैतिक दाल के शीर्सस्थ राजनेता को उस राजनैतिक दल के एक कार्य कर्ता के समान मौलिक अधिकार देना उचित हो सकता है पर उस शीर्सस्थ के निर्णय के समान उस आम कार्यकर्ता की बात को एक प्रभावी निर्णय समझ लेना कदापि उस राजनैतिक दाल के सुनहरे भविष्य के लिए स्वस्थ कदम नहीं है। अतः उस आम राजनैतिक कार्यकर्ता की बात को एक हिस्सा समझ निर्णय लेने में ध्यान देना जरूरी है पर अगर एक प्रभावी नेता की तरह उसकी बात पर पूर्ण ध्यान न देना कोई अलोकतांत्रिक कदम नहीं है। -----------इस विषय पर हमें गौर करना चाहिए लोकतंत्र की गलत परिभाषा गढ़ने से बचने के लिए नहीं तो यह लोकतंत्र एक भेंड़ तंत्र बनाकर पूरे समाज को एक चारागाह बना जंगली जीवन जीने को मजबूर कर देगा।


Friday, April 11, 2014

गायत्री मंत्र ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् गायत्री देवी, वह जो पंचमुख़ी है, हमारी पांच इंद्रियों और प्राणों की देवी मानी जाती है. गायत्री मंत्र (वेद ग्रंथ की माता) को हिन्दू धर्म में सबसे उत्तम मंत्र माना जाता है. यह मंत्र हमें ज्ञान प्रदान करता है. इस मंत्र का मतलब है - हे प्रभु, क्रिपा करके हमारी बुद्धि को उजाला प्रदान कीजिये और हमें धर्म का सही रास्ता दिखाईये. यह मंत्र सूर्य देवता (सवितुर=Lord/Husband of Savita) के लिये प्रार्थना रूप से भी माना जाता है. हे प्रभु! आप हमारे जीवन के दाता हैं आप हमारे दुख़ और दर्द का निवारण करने वाले हैं आप हमें सुख़ और शांति प्रदान करने वाले हैं हे संसार के विधाता हमें शक्ति दो कि हम आपकी उज्जवल शक्ति प्राप्त कर सकें क्रिपा करके हमारी बुद्धि को सही रास्ता दिखायें मंत्र के प्रत्येक शब्द की व्याख्या गायत्री मंत्र के पहले नौं शब्द प्रभु के गुणों की व्याख्या करते हैं ॐ = प्रणव भूर = मनुष्य को प्राण प्रदाण करने वाला भुवः = दुख़ों का नाश करने वाला स्वः = सुख़ प्रदाण करने वाला तत = वह, सवितुर = सूर्य की भांति उज्जवल वरेण्यं = सबसे उत्तम भर्गो = कर्मों का उद्धार करने वाला देवस्य = प्रभु धीमहि = आत्म चिंतन के योग्य (ध्यान) धियो = बुद्धि, यो = जो, नः = हमारी, प्रचोदयात् = हमें शक्ति दें (प्रार्थना) इस प्रकार से कहा जा सकता है कि गायत्री मंत्र में तीन पहलूओं क वर्णं है - स्त्रोत, ध्यान और प्रार्थना.


उस सरस्वती की वन्दना जिसके सभी सप्तर्षि( सातों ब्रह्मर्षि: गौतम ,वशिस्थ, कश्यप/मारीच, भारद्वाज/अंगारिसा, जमदग्नि/भृगु, दुर्वाशा/अत्रि, विश्वामित्र=कौशिक का क्रम गाय:गौ माता के प्रति श्रद्धा और विशवास और गाय के समान आचरण की गुणवत्ता के अनुसार स्थान क्रम) पुत्र हैं और जिनकी वन्दना मात्र से इन सभी सप्तर्षियों के पिता ब्रह्मा की भी वन्दना पूर्ण मान ली जाती है| यह सत्य है कश्यप के लिए गौतम श्रद्धेय और वशिष्ठ पूज्य अन्य सभी चार सप्तर्षि सम दर्शनीय पर सप्तर्षियों में कश्यप ब्रह्मा के प्रथम प्रकट्य पुत्र है प्रयागराज में हुए पृथ्वी के सबसे प्राचीन यज्ञ (प्राक-यज्ञ=प्रयाग: सप्तर्षियों की प्राप्ति के लिए ब्रह्मा दारा किये गए सप्तर्षि प्रकृष्टा यज्ञ) के:----- या कुंदेंदु तुषारहार धवला, या शुभ्र वस्त्रावृता | या वीणावर दण्डमंडितकरा, या श्वेतपद्मासना || या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभ्रृतिभिर्देवै: सदा वन्दिता | सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेष जाड्यापहा || या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता| नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः || शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमां आद्यां जगद्व्यापिनीं वीणा पुस्तक धारिणीं अभयदां जाड्यान्धाकारापाहां| हस्ते स्फाटिक मालीकां विदधतीं पद्मासने संस्थितां वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धि प्रदां शारदां|| हिंदी अनुवाद: जो कुंद फूल, चंद्रमा और वर्फ के हार के समान श्वेत हैं, जो शुभ्र वस्त्र धारण करती हैं| जिनके हाथ, श्रेष्ठ वीणा से सुशोभित हैं, जो श्वेत कमल पर आसन ग्रहण करती हैं|| ब्रह्मा, विष्णु और महेश आदिदेव, जिनकी सदैव स्तुति करते हैं| हे माँ भगवती सरस्वती, आप मेरी सारी (मानसिक) जड़ता को हरें|| *******जय हिन्द(जम्बूद्वीप=यूरेसिआ=यूरोप+एशिया=या कम से कम ईरान से सिंगापूर और कश्मीर से कन्या कुमारी), जय भारत(भरतखंड=अखंड भारत), जय श्रीराम/श्रीकृष्ण।


यह सत्य है कश्यप के लिए गौतम श्रद्धेय और वशिष्ठ पूज्य अन्य सभी चार सप्तर्षि सम दर्शनीय पर सप्तर्षियों में कश्यप ब्रह्मा के प्रथम प्रकट्य पुत्र (ब्रह्मा के सबसे जेष्ठ पुत्र )है प्रयागराज में हुए पृथ्वी के सबसे प्राचीन यज्ञ (प्राक-यज्ञ=प्रयाग: सप्तर्षियों की प्राप्ति के लिए ब्रह्मा दारा किये गए सप्तर्षि प्रकृष्टा यज्ञ) के। जय हिन्द(जम्बूद्वीप=यूरेसिआ=यूरोप+एशिया=या कम से कम ईरान से सिंगापूर और कश्मीर से कन्या कुमारी), जय भारत(भरतखंड=अखंड भारत), जय श्रीराम/श्रीकृष्ण।


सा विद्या या विमुक्तये | That is knowledge which liberates(विद्या वह है जो हमें में अज्ञानता के बंधन से मुक्त करे या हमें आत्मनिर्भर बना स्वराज दे)। तत्कर्म यन्न बन्धाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरं कर्म विद्यऽन्या शिल्पनैपुणम्॥१-१९-४१॥ —श्रीविष्णुपुराणे प्रथमस्कन्धे एकोनविंशोऽध्यायः। That is action, which does not promote attachment; That is knowledge which liberates (one from bondage). All other action is mere (pointless) effort/ hardship or all other knowledge is merely another skill/craftsmanship|


इस दुनिया में बिना कुछ दिए भीख भी नहीं मिलाती और माँगने पर मौत भी नहीं मिलाती है वरन भींख के बदले दुआ आप स्वयं दो या न दो पर भीख जो देता है दुआ उसको आप से अपने आप मिल ही जाती है; और आप अपने दुर्दिन से खिन्न हो मौत भी ईस्वर से मांगते हैं तो वह तभी मिलाती है जब आप के पूर्व और इस जन्म के पाप कट जाते है आप की दीन-हीन दशा और कास्ट सहने से(बिना पूर्व जन्म के पाप काटे सुदामा को भी अपने मित्र भगवान श्रीकृष्ण के यहां जाने को सुशीला भी प्रेरित न कर सकी यह जानते हुए भी की श्रीकृष्ण और सुदामा में बहुत ही गहरी दोस्ती है): तो इन 42 महानुभाव में कुछ दम और सामजिक और वैज्ञानिक योगदान नजर आया ही होगा जो इनको इलाहाबाद विश्वविद्यालय का गौरवशाली पुराछात्रों में स्थान दिया था सम्बंधित लोगों ने: Allahabad University Alumni Association (AUAA), Registered Under Society Act 1860 (Reg. no. 407/2000), Alumni Chapter- NCR Ghaziabad (Greater Noida): 2007-2008. Famous alumni include: Our Proud Past Prof. Prem Chand Pandey (Dr, P.C. Pandey, SAC/ISRO,NCAOR/MoES, CORAL/IIT Kgp): Founder Director of National centre for Antarctic and Ocean Research (NCAOR), Goa, 1st student of University of Allahabad who got Bhatnagar award and Uttar Pradesh Vigyan Gaurav award along with many other award of science, he got Gold medal award of NASA, USA for his short span of time good work there as ISRO, Govt. of India employ on training. His help for new scientific centres in UoA indirectly is very important and was at exact turning period of university's future vision in modern era. KBCAOS/MNCOSS, IIDS is one of the on surface example known by all related with UoA. Ram Chandra Sinha, Former IAS Officer, Former Secretary to the Chief Minister of Bihar, Chairman of the Patna Improvement Trust, Divisional Commissionor (Bhaglpur), Commissioner (Agriculture, Education), Sub Divisional Officer, District Magistrate, founder of the Sudha Co-Operative, now Senior Advocate. Harivansh Rai Bachchan, Poet Krishna Prakash Bahadur, Author H.N. Bahuguna, former Deputy Prime Minister of India Prof. Harish Chandra, Mathematician Acharya Narendra Dev Mohammad Hidayatullah, Former Chief Justice, Supreme Court of India Ranganath Mishra, former Chief Justice of India Gulzari Lal Nanda, former Prime Minister of India Motilal Nehru Govind Ballabh Pant Prof. Govind Jee. Prof. University of Illinois, Former head- International society for Photobiology. Gopal Swarup Pathak, former Vice President of India Dr V.K.Rai, Plant physiology Dr. Shankar Dayal Sharma, Former President of India Chandra Shekhar, Former Prime Minister of India Satyendra Narayan Sinha, Former Chief Minister of Bihar Prof. Ram Chandra Shukla, Painter. Surya Bahadur Thapa Prof. Vijai K Tripathi Kamal Narain Singh, former Chief Justice of India Nikhil Kumar, former IPS, Member of Parliament India Prof. Daulat Singh Kothari, Physicist Prof. Kundan Singh Singwi, Physicist Prof. Govind Swarup, Physicist Udit Raj, Social Activist Pankaj Mishra, Author Krishna Kumar Sharma, Quit India Movement Leader and Activist, Prominent Poet and Literary Figure Vishwanath Pratap Singh,10th Prime Minister of India Murli Manohar Joshi,B.J.P leader and former Minister for Human resource&development Dharmendra Singh Yadav , Member of Parliament India Radhey Shyam Sharma, IPS, Former Director Vigilance UP Maharishi Mahesh Yogi Dhananjaya Kumar, Yogacharya, Poet Mahadevi Varma (poet and writer) Mukhtar Zaman, freedom fighter, leading journalist Dr Umesh C Yadav, Research scientist, Univ of Texas, USA Indu Kant Shukla, Litterateur,Poet,Writer. Prafulla Kumar Rai, MP for Gorakhpur (Uttar Pradesh) D.P. Chandel, equity researcher (New york, USA) Dr. Vivek Kumar Pandey PDF at Centre for Atmospheric & Oceanic Sciences, IISc Bangalore, 1st doctorate from K.Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies(KBCAOS,IIDS), University of Allahabad(UoA), Allahabad and (1st batch JRF of National Centre for Antarctic and Ocean Research (NCAOR), Goa,Master of Science Department of Physics(Nuclear)-2000, BHU, Varanasi, B.Sc. from Purvanchal University, Jaunpur (U.P.) Contact: ALLAHABAD UNIVERSITY ALUMNI ASSOCIATION IIND FLOOR, III-B-1, NEHRU NAGAR GHAZIABAD- 201001 Phone: 0120 – 2792976 References from NEWS Papers: Article: A silent crusader who is making efforts to restore AU's past glory Article from: The Hindustan Times Article date: August 26, 2005 NEW DELHI, India, Aug 26 -- SIX YEARS back, when the demand of giving Central Status to Allahabad University was gathering momentum, one man had alreadylaunched a silent crusade to restore the past glory of 'Oxford of the East' to make the whole world know about the 'powerful' men, which the university has produced till date. It was an extraordinary effort of Naveen Chandra, a bank employee, that led to the formation of Allahabad University Alumni Association in Ghaziabad. The Association boasts of 500 members, including Mumbai Commissioner of Police AN Roy, SBI Chairman AK Purwar, Ex-Delhi Police Chief Ajay Raj Sharma and former Defence Secretary Dr Yogendra Narain, who at some Article: Alumni relive those golden' glorious days Article from: The Hindustan Times Article date: February 18, 2008 Smriti Malaviya Hindustan Times NEW DELHI, India, Feb. 18 -- THE ALUMNI Convention at Allahabad University (AU) was more of an emotional and happy reunion of former students, than an event glorifying the past achievements of the varsity. The event gave an opportunity to former students and inmates of AU hostels to share their wonderful moments, which they spent at the university, with the new generation. Talking with HT Allahabad Live, two former inmates of Sir Sunder Lal Hostel who have come from Ghaziabad and Noida, admitted that the time spent at the university was the 'golden' period of their life. DK Singh 'Dadda' 'The time I spent at SSL Hostel was Article: AU alumni meet in Ghaziabad in October Article from: The Hindustan Times Article date: August 2, 2006 NEW DELHI, India, Aug 2 -- ALLAHABAD UNIVERSITY (AU) vice-chancellor Prof RG Harshe will participate in a conference to be hosted by the AU Alumni Association (AUAA) Ghaziabad and Noida chapter, at Ghaziabad in October. An AUAA delegation met Prof Harshe recently at his residence and invited him to the conference. AUAA founding secretary Naveen Chandra and PN Tandon also informed Prof Harshe about the activities carried out by the association in Ghaziabad and adjoining areas. According to Chandra, AUAA had been successful in marking it presence through social and cultural activities in Ghaziabad and the entire National Capital Region. The activities included hosting cricket