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Tuesday, April 25, 2017

चन्द्रमा के लिए शुक्लपक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों होता है पर चन्द्रमा के शुक्लपक्ष और कृष्णपक्ष दोनों के लिए उत्तरदायी सूर्य के लिए कृष्णपक्ष होता ही नहीं है उसके लिए तो हमेशा शुल्कपक्ष ही होता है|>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद सेआकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

चन्द्रमा के लिए शुक्लपक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों होता है पर चन्द्रमा के शुक्लपक्ष और कृष्णपक्ष दोनों के लिए उत्तरदायी सूर्य के लिए कृष्णपक्ष होता ही नहीं है उसके लिए तो हमेशा शुल्कपक्ष ही होता है|>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद सेआकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Monday, April 24, 2017

वैसे तो भारत समेत इस सम्पूर्ण संसार को प्रायोजित तरीके से संगठित रूपों में अनार्य बनने को मजबूर किया जा रहा है पर यह मिसाल और मशाल है की अनार्य के घर में आर्य ही निकलते चले आ रहे है क्योंकि इस संसार में आर्य का कोई जबाब नहीं आज से नहीं तब से जब हिन्द=यूरेशिया=यूरोप+एसिआ=जम्बूद्वीप था और उसके बाद हिन्द=कम से कम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी होते हुए हिन्द=अखण्ड भारत=भरतखण्ड=भारत वर्ष और अब हिन्द=अटक से कटक और कश्मीर से कन्याकुमारी होने तक भी| >>>>>>>भाइयों मै तो पैतृक रूप से सनातन आर्यक्षेत्र आजमगढ़ से हूँ और मुझे आप लोगों से जाती/कर्म/धर्म/संस्कृति/संस्कार/चरित्र/नैतिक/दर्शन/आचरण सब प्रकार से ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य चाहिए जो लोग एक आर्य(प्रगतिशील सच्चाई/श्रेष्ठविचार) से भी उच्चविचार और आचरण वाले होते हैं जो निःस्वार्थभाव में त्याग, बलिदान और तप/योग/उद्यम की प्रतिमूर्ति होते है मतलब जिनके समान हम यदि आचरण न करें तो वे हमसे सदा-सर्वदा श्रेष्ठ होते हैं और अगर ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य और उनकी सम्मिलित/व्युत्पन्न संताने हमे मिल गये तो हम इस संसार में आर्यों की जमात सदा-सर्वदा तैयार करते रहेंगे मतलब हमारी मूल पूंजी ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व् उनकी सम्मिलित/व्युत्पन्न संताने हैं जो हमको भी शिक्षा, संस्कृत, संस्कार और ज्ञान-विज्ञान का पाठ पढ़ती हैं और हम जिस भी भौतिक सम्पन्नता (सम्पन्नता के स्तर अनेकोनेक हैं पर सम्पन्नता शून्य केवल वह व्यक्ति या व्यक्ति समूह होता है जो विवेक विहीन हो चुका होता है नहीं तो संसार में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं होता संसार में जो किसी न किसी दृश्टिकोण से सम्पन्न न हो) की अवस्था में होते हैं हमे अपने कार्यव्यवहार और आचरण से उच्च नैतिक और चारित्रिक मूल्यों से परिपूर्ण सफल और स्वाभाविक जीवन देते हैं| >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

वैसे तो भारत समेत इस सम्पूर्ण संसार को प्रायोजित तरीके से संगठित रूपों में अनार्य बनने को मजबूर किया जा रहा है पर यह मिसाल और मशाल है की अनार्य के घर में आर्य ही निकलते चले आ रहे है क्योंकि इस संसार में आर्य का कोई जबाब नहीं आज से नहीं तब से जब हिन्द=यूरेशिया=यूरोप+एसिआ=जम्बूद्वीप था और उसके बाद हिन्द=कम से कम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी होते हुए हिन्द=अखण्ड भारत=भरतखण्ड=भारत वर्ष और अब हिन्द=अटक से कटक और कश्मीर से कन्याकुमारी होने तक भी| >>>>>>>भाइयों मै तो पैतृक रूप से सनातन आर्यक्षेत्र आजमगढ़ से हूँ और मुझे आप लोगों से जाती/कर्म/धर्म/संस्कृति/संस्कार/चरित्र/नैतिक/दर्शन/आचरण सब प्रकार से ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य चाहिए जो लोग एक आर्य(प्रगतिशील सच्चाई/श्रेष्ठविचार) से भी उच्चविचार और आचरण वाले होते हैं जो निःस्वार्थभाव में त्याग, बलिदान और तप/योग/उद्यम की प्रतिमूर्ति होते है मतलब जिनके समान हम यदि आचरण न करें तो वे हमसे सदा-सर्वदा श्रेष्ठ होते हैं और अगर ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य और उनकी सम्मिलित/व्युत्पन्न संताने हमे मिल गये तो हम इस संसार में आर्यों की जमात सदा-सर्वदा तैयार करते रहेंगे मतलब हमारी मूल पूंजी ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व् उनकी सम्मिलित/व्युत्पन्न संताने हैं जो हमको भी शिक्षा, संस्कृत, संस्कार और ज्ञान-विज्ञान का पाठ पढ़ती हैं और हम जिस भी भौतिक सम्पन्नता (सम्पन्नता के स्तर अनेकोनेक हैं पर सम्पन्नता शून्य केवल वह व्यक्ति या व्यक्ति समूह होता है जो विवेक विहीन हो चुका होता है नहीं तो संसार में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं होता संसार में जो किसी न किसी दृश्टिकोण से सम्पन्न न हो) की अवस्था में होते हैं हमे अपने कार्यव्यवहार और आचरण से उच्च नैतिक और चारित्रिक मूल्यों से परिपूर्ण सफल और स्वाभाविक जीवन देते हैं| >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Saturday, April 22, 2017

कृष्णपक्ष के द्वितीया का चन्द्रमा या शुक्ल पक्ष के द्वितीया का चन्द्रमा या और कोई भी चन्द्रमा होता हो तो वह भी सही, को चाहे कोई भी विशेषण दे दिया जाय या अनगिनत गुणों से विभूषित कर दिया जाय पर सती:पार्वती:उमा: अपर्णा: गिरिजा :गौरी:शिवा: कात्यायिनी:भवानी :अम्बिका:शैलजा :शिवानी:रुद्राणी का वास्तविक निवास तो महादेव:शिव:शंकर:केदारेश्वर :आदिशंकर:आद्यशंकर:आद्या(त्रिदेवों में आद्या>>>त्रिदेवियों में आद्या मतलब आदिदेवी सरस्वती:स्वेता हैं):महामृत्युंजय: भुवनेश्वर:विश्वेश्वर के पास ही होता है जो अर्धनारीश्वर स्वरुप के प्रथम प्रणेता हैं | >>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र) /.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

कृष्णपक्ष के द्वितीया का चन्द्रमा या शुक्ल पक्ष के द्वितीया का चन्द्रमा या और कोई भी चन्द्रमा होता हो तो वह भी सही, को चाहे कोई भी विशेषण दे दिया जाय या अनगिनत गुणों से विभूषित कर दिया जाय पर सती:पार्वती:उमा: अपर्णा: गिरिजा :गौरी:शिवा: कात्यायिनी:भवानी :अम्बिका:शैलजा :शिवानी:रुद्राणी का वास्तविक निवास तो महादेव:शिव:शंकर:केदारेश्वर :आदिशंकर:आद्यशंकर:आद्या(त्रिदेवों में आद्या>>>त्रिदेवियों में आद्या मतलब आदिदेवी सरस्वती:स्वेता हैं):महामृत्युंजय: भुवनेश्वर:विश्वेश्वर के पास ही होता है जो अर्धनारीश्वर स्वरुप के प्रथम प्रणेता हैं | >>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र) /.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Friday, April 21, 2017

किसी ऋषी से वरदान भक्त ने माँगा की मै नदी को पानी के ऊपर से पार कर जाऊं तो ऋषी का जबाब था की 2 पण (उस समय दो पैसे की नाव आती रही होगी) की नाव ले लो पार कर लो नदी पानी के ऊपर से इसके लिए दिव्य शक्ति का उपयोग क्यों चाह रहे हो जिसका कोई अभीष्ट प्रयोजन ही न हो मानवता हित में तो इसी तरह जब समाज को जिस स्तर के लोगों की जरूरत हो उसी का प्रयोग करो भाई मेरे जैसे की तुलना करने हेतु सड़कछाप लोगों को क्यों खोज लाते हैं जिन्होंने अपने स्वार्थ्य से हट कोई कार्य ही नहीं किया है समाज के लिए अपना अस्तित्व मिटाकर समाज हित में समर्पित होने वाले से उसकी तुलना क्यों कर रहे हैं?>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>तो आप से बता दिया की मै सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म हो चुका हूँ इस संसार के आजतक के इतिहास में अधिकतम समय तक तो आप समझ लीजिये की राम और कृष्ण हो चुका हूँ तो आप मुझसे केवल ब्रह्मा, विष्णु, महेश या अन्य किसी-किस सृष्टिगत अभीष्ट विभूति को होने की परिक्षा ले रहे थे, है और लेंगे जबकि मै बता चुका हूँ की मेरा इस प्रयागराज में संकल्पित होना ही मेरे साथ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की ऊर्जा का केंद्र यही केंद्रित हुआ है और परिश्थितियों की धीरे-धीरे अनुकूलता और नियंत्रण में मतलब इस सृष्टि के संरक्षण, सम्पोषण और संवर्धन मेरे अंदर निहित ऊर्जा और सामर्थ्य यह संसार धीरे-धीरे पाता गया| इसका मतलब यह नहीं की आप मेरा ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ पा जाएंगे जो सम्भव ही नहीं है| मै नाम सहित तो नहीं कहना चाहूंगा पर इतना अवश्य कह सकता हूँ की इस प्रयागराज में उन दिनों में भी, आज भी और आज के बाद भी मेरा ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ एकल रूप में संगत सन्दर्भ में न कोई था, न है और न होगा क्योंकि ऐसा केवल मै, मै और मै ही हो सकता हूँ जिसके साथ ऐसी परिश्थितियां आती गयीं आज तक के मानवता के इतिहास में जो नहीं आयी थीं| तुलसीदास ने कहा है की रघुवर की छवि समान रघुवर छवि बनिया मतलब रघुवर के मुख की उपमा इस ब्रह्माण्ड में केवल रघुवर के मुख से ही की जा सकती है तो ठीक वही स्थिति मेरे सन्दर्भ में है जो की भूतो न भविष्यतः हुआ है| >>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

किसी ऋषी से वरदान भक्त ने माँगा की मै नदी को पानी के ऊपर से पार कर जाऊं तो ऋषी का जबाब था की 2 पण (उस समय दो पैसे की नाव आती रही होगी) की नाव ले लो पार कर लो नदी पानी के ऊपर से इसके लिए दिव्य शक्ति का उपयोग क्यों चाह रहे हो जिसका कोई अभीष्ट प्रयोजन ही न हो मानवता हित में तो इसी तरह जब समाज को जिस स्तर के लोगों की जरूरत हो उसी का प्रयोग करो भाई मेरे जैसे की तुलना करने हेतु सड़कछाप लोगों को क्यों खोज लाते हैं जिन्होंने अपने स्वार्थ्य से हट कोई कार्य ही नहीं किया है समाज के लिए अपना अस्तित्व मिटाकर समाज हित में समर्पित होने वाले से उसकी तुलना क्यों कर रहे हैं?>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>तो आप से बता दिया की मै सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म हो चुका हूँ इस संसार के आजतक के इतिहास में अधिकतम समय तक तो आप समझ लीजिये की राम और कृष्ण हो चुका हूँ तो आप मुझसे केवल ब्रह्मा, विष्णु, महेश या अन्य  किसी-किस सृष्टिगत अभीष्ट विभूति को होने की परिक्षा ले रहे थे, है और लेंगे जबकि मै बता चुका हूँ की मेरा इस प्रयागराज में संकल्पित होना ही मेरे साथ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की ऊर्जा का केंद्र यही केंद्रित हुआ है और परिश्थितियों की धीरे-धीरे अनुकूलता और नियंत्रण में मतलब इस सृष्टि के संरक्षण, सम्पोषण और संवर्धन मेरे अंदर निहित ऊर्जा और सामर्थ्य यह संसार धीरे-धीरे पाता  गया| इसका मतलब यह नहीं की आप मेरा ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ पा जाएंगे जो सम्भव ही नहीं है|  मै नाम सहित तो नहीं कहना चाहूंगा पर इतना अवश्य कह सकता हूँ की इस प्रयागराज में उन दिनों में भी, आज भी और आज के बाद भी मेरा ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ  एकल रूप में संगत सन्दर्भ में न कोई था, न है और न होगा क्योंकि ऐसा केवल मै, मै और मै ही हो सकता हूँ जिसके साथ ऐसी परिश्थितियां आती गयीं आज तक के मानवता के इतिहास में जो नहीं आयी थीं|  तुलसीदास ने कहा है की रघुवर की छवि समान रघुवर छवि बनिया मतलब रघुवर के मुख की उपमा इस ब्रह्माण्ड में केवल रघुवर के मुख से ही की जा सकती है तो ठीक वही स्थिति मेरे सन्दर्भ में है जो की भूतो न भविष्यतः हुआ है| >>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण। 

मङ्गलकारी हनुमान/अम्बेदकर/अम्बवाडेकर जो लंका को जलाये थे या महामंगलेश्वर जो अयोध्या/कौसल/अवध नगरी को जलाने की धमकी दिए थे लक्ष्मण से तो क्या ऐसे लोग आतंकवादी है या मानवता के अभीष्ट हित हेतु अतिचातुर्यपूर्ण और रहस्य्मय कृत्य है?>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मङ्गलकारी हनुमान/अम्बेदकर/अम्बवाडेकर जो लंका को जलाये थे या महामंगलेश्वर जो अयोध्या/कौसल/अवध नगरी को जलाने की धमकी दिए थे लक्ष्मण से तो क्या ऐसे लोग आतंकवादी है या मानवता के अभीष्ट हित हेतु अतिचातुर्यपूर्ण और रहस्य्मय कृत्य है?>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।  

महादेव के मानद पुत्र हनुमान/अम्बवाडेकर/आंबेडकर मंगलकारी और महादेव के दत्तक पुत्र गणेश/कपिल/विनायक अगर त्रिदेव और त्रिदेवियों के बाद प्रथम पूज्य और विश्वविख्यात मंगलकारी तथा भगवान शिव के द्वारा रक्षित किये जाने वाले और विष्णु के द्वारा धारण किये जाने वाले धर्मचक्र/समयचक्र/24 मानक ऋषि के चक्र/अशोकचक्र/कालचक्र के प्रथम रक्षक और ऋषियों में प्रथम रूद्र कहे जाने वाले विषम परिश्थितियों में अल्प हानि से ही मानवता को उबारने वाले त्रिदेवशक्ति से सम्पन्न अत्रि और परमसती अनुसूइया के पुत्र दुर्वाशा ऋषि महामंगलेश्वर; तो भगवान् राम के पूर्वज अम्बरीष को दुर्वाशा के श्राप से दुर्वाशा द्वारा ही मुक्त कराने वाले विष्णु सर्वमंगलकारी: मंगलम भगवान् विष्णु, मंगलम गरुणध्वजः मंगलम पुण्डरीकाक्षाय मंगलाय तनो हरिः| हिंदी अर्थ भगवान् विष्णु मंगल हैं, गरुड वाहन वाले मंगल हैं (ध्वज:वाहन), कमल के समान नेत्र वाले मंगल हैं (पुण्डरीक:कमलवत, अक्ष:आँख ), हरि मंगल के भंडार हैं। मंगल अर्थात् जो मंगलमय हैं, शुभ हैं, कल्याणप्रद हैं ऐसे हैं भगवान् विष्णु|

महादेव के मानद पुत्र हनुमान/अम्बवाडेकर/आंबेडकर मंगलकारी और महादेव के दत्तक पुत्र गणेश/कपिल/विनायक अगर त्रिदेव और त्रिदेवियों के बाद प्रथम पूज्य और विश्वविख्यात मंगलकारी तथा भगवान शिव के द्वारा रक्षित किये जाने वाले और विष्णु के द्वारा धारण किये जाने वाले धर्मचक्र/समयचक्र/24 मानक ऋषि के चक्र/अशोकचक्र/कालचक्र के प्रथम रक्षक और ऋषियों में प्रथम रूद्र कहे जाने वाले विषम परिश्थितियों में अल्प हानि से ही मानवता को उबारने वाले त्रिदेवशक्ति से सम्पन्न अत्रि और परमसती अनुसूइया के पुत्र दुर्वाशा ऋषि महामंगलेश्वर; तो भगवान् राम के पूर्वज अम्बरीष को दुर्वाशा के श्राप से दुर्वाशा द्वारा ही मुक्त कराने वाले विष्णु सर्वमंगलकारी: मंगलम भगवान् विष्णु, मंगलम गरुणध्वजः मंगलम पुण्डरीकाक्षाय मंगलाय तनो हरिः| हिंदी अर्थ भगवान् विष्णु मंगल हैं, गरुड वाहन वाले मंगल हैं (ध्वज:वाहन), कमल के समान नेत्र वाले मंगल हैं (पुण्डरीक:कमलवत, अक्ष:आँख ), हरि मंगल के भंडार हैं। मंगल अर्थात् जो मंगलमय हैं, शुभ हैं, कल्याणप्रद हैं ऐसे हैं भगवान् विष्णु| >>>>>>>>>>>>>>वंदना----
प्रवक्ष्याम्यधुना ह्येतद्वैष्णवं पञ्जरं शुभम्।
नमो नमस्ते गोविन्द चक्रं गृह्य सुदर्शनम्।।
प्राच्यां रक्षस्व मां विष्णो त्वामहं शरणं गत:।
गदां कौमोदकीं गृह्य पद्मनाभ नमोस्तु ते।।
याम्यां रक्षस्व मां विष्णो त्वामहं शरणं गत:।
हलमादाय सौनन्दं नमस्ते पुरुषोत्तम।।
प्रतीच्यां रक्ष मां विष्णो त्वामहं शरणं गत:।
मुसलं शातनं गृह्य पुण्डरीकाक्ष रक्ष माम्।।
उत्तरस्यां जगन्ननाथ भवन्तं शरणं गत:।
खड्गमादाय चर्माथ अस्त्रशस्त्रादिकं हरे।।
नमस्ते रक्ष रक्षोघ्र ऐशान्यां शरणं गत:।
पाञ्चजन्यं महाशङ्खमनुघोष्यं च पङ्कजम्।।
प्रगृह्य रक्ष मां विष्णो आग्रेय्यां यज्ञशूकर।
चन्द्रसूर्य समागृह्य खड्गं चान्द्रमसं तथा।।
नैर्ऋत्यां मां च रक्षस्व दिव्यमूर्ते नृकेसरिन्।
वैजयन्ती सम्प्रगृह्य श्रीवत्सं कण्ठभूषणम्।।
वायव्यां रक्ष मां देव हयग्रीव नमोस्तुते।
वैनतेयं समरुह्य त्वन्तरिक्षे जनार्दन।।
मां रक्षस्वाजित सद नमस्तेस्त्वपराजित।
विशालाक्षं समारुह्य रक्ष मां तवं रसातले।।
अकूपार नमस्तुभ्यं महामीन नमोस्तु ते।
करशीर्षाद्यङ्गलीषु सत्य त्वं बाहुपञ्जरम्।।
कृत्वा रक्षस्व मां विष्णो नमस्ते पुरुषोत्तम।
एतदुक्तं शङ्काराय वैष्णवं पञ्जरं महत्।।
पुरा रक्षार्थमीशान्यां: कात्यायन्या वृषध्वज।
नाशयामास सा येन चामरं महिषासुरम्।।
दानव रक्तबीजं च अन्यांश्च सुरकण्टकान्।
एतज्जपन्नरो भक्तया शत्रून् विजयते सदा।।
समस्त चराचर प्राणियों एवं सकल विश्व का
कल्याण करो प्रभु>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

वैश्विक समाज में मूल तत्व मतलब मूल त्रिदेव कर्म(+जन्म/संस्कार/संस्कृति/व्यक्तित्व) आधारित ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व् व्यापक रूप में वैश्विक समाज हेतु मूल तत्व पञ्च तत्व हैं ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व् इस्लाम तथा ईसाइयत और इन्ही मूल पञ्च तत्व के इर्द-गिर्द घूमता हुआ है हमारा वैश्विक जीवन जिसमे से भारत और भारतीयों में वैष्णव विचार प्रभावी और मजबूत होने से वैश्विक रूप में शैवत्व की भी जड़/मूल उतना ही मजबूत होता है और यही है विष्णु शिव की अन्योन्याश्रिता और एक दूसरे के प्रति अगाध अन्तर्निहित व् स्वाभाविक आस्था का राज मतलब भारत में वैष्णवत्व जितना ही अधिक मजबूत होगा शैवत्व का सन्सार पर नियंत्रण उतना ही आसान होगा|>>>>>>>>>.जो आनुवांशिक रूप से सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव :त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय (सशरीर मूल पञ्चतत्व) ब्राह्मण गावं रामापुर-223225, आर्यमगढ़(सनातन आर्य क्षेत्र) से होने के कारन मूलतः राम और रामानुचारी रहा हो; पिता के वशिष्ठ गोत्रीय सनातन मिश्र ब्राह्मण वाले ननिहाल, भर्रारी-223103, जौनपुर (जमदग्निपुर) में जन्म; सनातन व्यासी (वशिष्ठ के पौत्र व्यास)-गौतम गोत्रीय मिश्र ब्राह्मण वाले ननिहाल बिशुनपुर (जिनके आदर्श विष्णु और कुलदेवता/रक्षक महादेव शिव है)-223103, जौनपुर(जमदग्निपुर)के लिए उनका रक्षक शिब, और बिशुनपुर के मूल रामानन्द कुल की मूल भूमि पर वासिंदे मतलब ननिहाल(नाना/मामा के घर) में पले-बढे-पढ़े होने पर रामानन्द कुल के लिए कृष्ण तो कुल मिलकर बिशुनपुर के लिए शिव और कृष्ण दोनों हो तो ऐसे में अगर वह राम (सशरीर परमब्रह/ब्रह्म=सशरीर ब्रह्मा+विष्णु+महेश) अवश्था से मानवता और प्रेम की मर्यादा की रक्षा हेतु अपना अवनमन कर केवल शिव व् शिवानुचारी बना हो तो उसकी अतिरिक्त ऊर्जा कहाँ जाती तो फिर वह कूर्मावतारी विष्णु और फिर ब्रह्मज्ञानी होते हुए राम (सशरीर परमब्रह/ब्रह्म=सशरीर ब्रह्मा+विष्णु+महेश) अवश्था की पुनर्प्राप्ति कर लिया तो उसका इस संसार में ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ कौन जो स्वयं तीन देव और स्वयं सीता(जगत जननी जगदम्बा=दुर्गा=देवकाली(महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी) की छाया मतलब जगत जननी जानकी (महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी)) को जन्म देने वाला हो जिनकी छाया समान है यह चर-अचर सृष्टि/प्राणी समाज|>>>>>>>>>>>फिर भी प्रबल प्रेम के पाले पड़कर, प्रभु को नियम बदलते देखा >>>>>>>>>>>>>>>मतलब यह संसार मिथ्या होकर भी अस्तित्व विहीन नहीं है तो उसी सीता की छाया रुपी सृष्टि मतलव मायामयी संसार मतलव सृष्टि के सुचारु रूप से सञ्चालन हेतु यम-नियम और समस्त जगबंधन को सर्वोपरि मानते हुए जहाँ तक सम्भव हो वहां तक निभाना ही उसकी नियति है|>>>>तो जो शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)/विवेक(आद्या/आदित्रिदेवी/त्रिदेवियों में आद्या/महादेवी सरस्वती का मानस पुत्र; तो जिसको सरस्वती अपना मानस पुत्र मानती हैं तो कम से कम उसके पास समस्त ज्ञान, विज्ञान, मेधा, प्रतिभा के साथ सर्वकालिक चिर संस्कार और संस्कृति अवश्य ही होगी जिसको वह किसी भी अवश्था में छोड़ नहीं सकता और उस संस्कृति संस्कार के लिए वह अन्य वैयक्तिक गुण को कुछ समय हेतु गौंड रख सकता है जिसे वह आदिदेवी सरस्वती की अनुकम्पा से पुनः प्राप्त कर सकता है)/त्रिलोचन/त्रिनेत्र/त्रयम्बक(शिव व् शिवा:सती:पार्वती:उमा:अपर्णा: गिरिजा:गौरी की आतंरिक स्वयंनिहित सुरक्षा शक्ति) हो उसकी समस्त मेधा, प्रतिभा और पुरुषार्थ का आंकलन नहीं किया करते है जितना समस्त जगत के पास है उतना सब उसी का है क्योंकि अगर वह नही तो यह जगत नहीं पर जगत नहीं भी है तो केवल उसी का ही अस्तित्व होता है|>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

वैश्विक समाज में मूल तत्व मतलब मूल त्रिदेव कर्म(+जन्म/संस्कार/संस्कृति/व्यक्तित्व) आधारित ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व् व्यापक रूप में वैश्विक समाज हेतु मूल तत्व पञ्च तत्व हैं ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व् इस्लाम तथा ईसाइयत और इन्ही मूल पञ्च तत्व के इर्द-गिर्द घूमता हुआ है हमारा वैश्विक जीवन जिसमे से भारत और भारतीयों में वैष्णव विचार प्रभावी और मजबूत होने से वैश्विक रूप में शैवत्व की भी जड़/मूल उतना ही मजबूत होता है और यही है विष्णु शिव की अन्योन्याश्रिता और एक दूसरे के प्रति अगाध अन्तर्निहित व् स्वाभाविक आस्था का राज मतलब भारत में वैष्णवत्व जितना ही अधिक मजबूत होगा शैवत्व का सन्सार पर नियंत्रण उतना ही आसान होगा|>>>>>>>>>.जो आनुवांशिक रूप से सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव :त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय (सशरीर मूल पञ्चतत्व) ब्राह्मण गावं रामापुर-223225, आर्यमगढ़(सनातन आर्य क्षेत्र) से होने के कारन मूलतः राम और रामानुचारी रहा हो; पिता के वशिष्ठ गोत्रीय सनातन मिश्र ब्राह्मण वाले ननिहाल, भर्रारी-223103, जौनपुर (जमदग्निपुर) में जन्म; सनातन व्यासी (वशिष्ठ के पौत्र व्यास)-गौतम गोत्रीय मिश्र ब्राह्मण वाले ननिहाल बिशुनपुर (जिनके आदर्श विष्णु और कुलदेवता/रक्षक महादेव शिव है)-223103, जौनपुर(जमदग्निपुर)के लिए उनका रक्षक शिब, और बिशुनपुर के मूल रामानन्द कुल की मूल भूमि पर वासिंदे मतलब ननिहाल(नाना/मामा के घर) में पले-बढे-पढ़े होने पर रामानन्द कुल के लिए कृष्ण तो कुल मिलकर बिशुनपुर के लिए शिव और कृष्ण दोनों हो तो ऐसे में अगर वह राम (सशरीर परमब्रह/ब्रह्म=सशरीर ब्रह्मा+विष्णु+महेश) अवश्था से मानवता और प्रेम की मर्यादा की रक्षा हेतु अपना अवनमन कर केवल शिव व् शिवानुचारी बना हो तो उसकी अतिरिक्त ऊर्जा कहाँ जाती तो फिर वह कूर्मावतारी विष्णु और फिर ब्रह्मज्ञानी होते हुए राम (सशरीर परमब्रह/ब्रह्म=सशरीर ब्रह्मा+विष्णु+महेश) अवश्था की पुनर्प्राप्ति कर लिया तो उसका इस संसार में ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ कौन जो स्वयं तीन देव और स्वयं सीता(जगत जननी जगदम्बा=दुर्गा=देवकाली(महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी) की छाया मतलब जगत जननी जानकी (महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी)) को जन्म देने वाला हो जिनकी छाया समान है यह चर-अचर सृष्टि/प्राणी समाज|>>>>>>>>>>>फिर भी प्रबल प्रेम के पाले पड़कर, प्रभु को नियम बदलते देखा >>>>>>>>>>>>>>>मतलब यह संसार मिथ्या होकर भी अस्तित्व विहीन नहीं है तो उसी सीता की छाया रुपी सृष्टि मतलव मायामयी संसार मतलव सृष्टि के सुचारु रूप से सञ्चालन हेतु यम-नियम और समस्त जगबंधन को सर्वोपरि मानते हुए जहाँ तक सम्भव हो वहां तक निभाना ही उसकी नियति है|>>>>तो जो शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)/विवेक(आद्या/आदित्रिदेवी/त्रिदेवियों में आद्या/महादेवी सरस्वती का मानस पुत्र; तो जिसको सरस्वती अपना मानस पुत्र मानती हैं तो कम से कम उसके पास समस्त ज्ञान, विज्ञान, मेधा, प्रतिभा के साथ सर्वकालिक चिर संस्कार और संस्कृति अवश्य ही होगी जिसको वह किसी भी अवश्था में छोड़ नहीं सकता और उस संस्कृति संस्कार के लिए वह अन्य वैयक्तिक गुण को कुछ समय हेतु गौंड रख सकता है जिसे वह आदिदेवी सरस्वती की अनुकम्पा से पुनः प्राप्त कर सकता है)/त्रिलोचन/त्रिनेत्र/त्रयम्बक(शिव व् शिवा:सती:पार्वती:उमा:अपर्णा: गिरिजा:गौरी की आतंरिक स्वयंनिहित सुरक्षा शक्ति) हो उसकी समस्त मेधा, प्रतिभा और पुरुषार्थ का आंकलन नहीं किया करते है जितना समस्त जगत के पास है उतना सब उसी का है क्योंकि अगर वह नही तो यह जगत नहीं पर जगत नहीं भी है तो केवल उसी का ही अस्तित्व होता है|>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।