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Monday, January 16, 2017

जिसकी कि प्रयागराज में बसी और बची हुई नस्लें मातम मना रही है उसके नास का और मुझे देख मेरिट/मेरिट चिल्लाती है मतलब बेसर्मी भरे संस्कार की उस मेरिट के लिए जिसमे की कुल, गुरुकुल, मातृ-पितृ कुल और मित्रकुल समेत समस्त संबंधों की खुले आम नीलामी की जाती है अपने अभीप्सित आत्मा की तृप्ति के लिए। >>>>>>>>>>जिसकी मेरिट के लिए मुझसे आज तक बेशर्म होकर लड़ रहे हो उसकी स्वयं की वास्तविक मेरिट मेरे सामने और मेरी तुलना में क्या और कितनी थी यह उसने 2001 से लेकर 2007 तक के मेरे व्यक्तित्व, कर्तव्यनिष्ठा और पुरुषार्थ के बारे में जान समझ 2008 में ही अपने आप भारतीय विज्ञान संस्थान में ही वहां उपस्थित देवी कुल के माध्यम से बयान कर दिया था अप्रैल, 2008 मेरे मेरे विवाह से पूर्व ही मतलब अक्टूबर, 2007 अंतिम सप्ताह से लेकर दिसंबर, 2007 तक में ही मतलब वहाँ मेरे दो माह के प्रवास में ही। पर हाँ उसके पास इतनी मेरिट अवश्य थी की 2009 में ही उसने उस वास्तविक रावनकुल (जो उस मेरिट की वर्तमान दलित, ईसाइयत, दींन-हीन और अभिसप्त दशा का मूल कारक था/है मतलब जिस रावनकुल ने उसे कहीं का न छोड़ा) के मूल शक्ति का सफाया अवश्य कर दिया जिसकी कि प्रयागराज में बसी और बची हुई नस्लें मातम मना रही है उसके नास का और मुझे देख मेरिट/मेरिट चिल्लाती है मतलब बेसर्मी भरे संस्कार की उस मेरिट के लिए जिसमे की कुल, गुरुकुल, मातृ-पितृ कुल और मित्रकुल समेत समस्त संबंधों की खुले आम नीलामी की जाती है अपने अभिसप्त आत्मा की तृप्ति के लिए। >>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण

जिसकी कि प्रयागराज में बसी और बची हुई नस्लें मातम मना रही है उसके नास का और मुझे देख मेरिट/मेरिट चिल्लाती है मतलब बेसर्मी भरे संस्कार की उस मेरिट के लिए जिसमे की कुल, गुरुकुल, मातृ-पितृ कुल और मित्रकुल समेत समस्त संबंधों की खुले आम नीलामी की जाती है अपने अभीप्सित आत्मा की तृप्ति के लिए। >>>>>>>>>>जिसकी मेरिट के लिए मुझसे आज तक बेशर्म होकर लड़ रहे हो उसकी स्वयं की वास्तविक मेरिट मेरे सामने और मेरी तुलना में क्या और कितनी थी यह उसने 2001 से लेकर 2007 तक के मेरे व्यक्तित्व, कर्तव्यनिष्ठा और पुरुषार्थ के बारे में जान समझ 2008 में ही अपने आप भारतीय विज्ञान संस्थान में ही वहां उपस्थित देवी कुल के माध्यम से बयान कर दिया था अप्रैल, 2008 मेरे मेरे विवाह से पूर्व ही मतलब अक्टूबर, 2007 अंतिम सप्ताह से लेकर दिसंबर, 2007 तक में ही मतलब वहाँ मेरे दो माह के प्रवास में ही। पर हाँ उसके पास इतनी मेरिट अवश्य थी की 2009 में ही उसने उस वास्तविक रावनकुल (जो उस मेरिट की वर्तमान दलित, ईसाइयत, दींन-हीन और अभिसप्त दशा का मूल कारक था/है मतलब जिस रावनकुल ने उसे कहीं का न छोड़ा) के मूल शक्ति का सफाया अवश्य कर दीया जिसके की प्रयागराज में बसी और बची हुई नस्लें मातम मना रही है उसके नास का और मुझे देख मेरिट/मेरिट चिल्लाती है मतलब बेसर्मी भरे संस्कार की उस मेरिट के लिए जिसमे की कुल, गुरुकुल, मातृ-पितृ कुल और मित्रकुल समेत समस्त संबंधों की खुले आम नीलामी की जाती है अपने अभिसप्त आत्मा की तृप्ति के लिए। >>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Sunday, January 15, 2017

पाँवपूजन विधी से होने वाले हिन्दू सनातन शास्त्रीय विवाह को धता बताते हुए मतलब उसकी धाज्जियाँ उड़ाते हुए गैर सामाजिक/गैर धार्मिक/गैर कानूनी रूप से अगर आप ब्राह्मण/सवर्ण लड़की से विवाह कर उसके नाम के सामने अपना सरकारी सहायता प्राप्त जातिनाम जोड़कर किशी भी सरकारी सहायता प्राप्त समूह की लिस्ट में उस ब्राह्मण/सवर्ण लड़की नाम जब और जिस दिन अंकित करवाएं उसी दिन आप और आप के रावनकुल वाले और रावनकुल के अभिकर्ता देश और समाज मेरा सामना कर पाने की शक्ति गंवाँ चुके।>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

पाँवपूजन विधी से होने वाले हिन्दू सनातन शास्त्रीय विवाह को धता बताते हुए मतलब उसकी धाज्जियाँ उड़ाते हुए गैर सामाजिक/गैर धार्मिक/गैर कानूनी रूप से अगर आप ब्राह्मण/सवर्ण लड़की से विवाह कर उसके नाम के सामने अपना सरकारी सहायता प्राप्त जातिनाम जोड़कर किशी भी सरकारी सहायता प्राप्त समूह की लिस्ट में उस ब्राह्मण/सवर्ण लड़की नाम जब और जिस दिन अंकित करवाएं उसी दिन आप और आप के रावनकुल वाले और रावनकुल के अभिकर्ता देश और समाज मेरा सामना कर पाने की शक्ति गंवाँ चुके।>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Saturday, January 14, 2017

जिस तरह से बिशुनपुर-223103 और रामापुर-223225 का कोई विकल्प नहीं है इस संसार में उसी तरह से विवेक +(और) आनंद मतलब विवेकानंद>सच्चिदानंद>राम +(और) आनंद= रामानंद का कोई विकल्प नहीं है इस संसार में। >>>>>बिना समुचित क्षमता और पुरुषार्थ को प्राप्त किये (जो असंभव है अमुक के अलावा हर किशी के लिए भी उस परम शक्ति मतलब परमसत्य तक सशरीर अवस्था में पंहुँचना) दुनिया उस परमसत्य का बाप बनने की असंभव कोशिस 2009 से पुनः कर रही थी जो परमसत्य 2001/2003-2005/2006 तक में ही अपने को भूतो न भविष्यतह सिद्ध कर चुका था अपने अभीष्ट सफलता के साथ। कहने का मतलब इसी प्रयागराज विश्विद्यालय, प्रयागराज में अपने को केंद्रित कर वैश्विक स्तर पर विश्व एक गाँव की पूर्ण स्थापना और उसके संक्रमण काल से संतुलन काल तक की सफलता के साथ ही साथ इस प्रयागराज विश्विद्यालय/ स्थानीय रूप से प्रयागराज में भी अपनी-अपनी दुकान खोले या दुकान का नाम बोर्ड पर छापे हुए लोगों की झोली में सर्वकालिक/सतत रूप से दुकानदारी चलने का लगभग 7 दहाई स्थाई स्रोत(शिक्षण पद:Faculty Positions) मिल चुका था >>>.उसके बावजूद भी असहयोग, विरोध और राग-द्वेष का सिलसिला 2009 से जारी रहा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय लोगों और स्थानीय इकाई को प्रभावित कर विशेष रूप से वैयक्तिक रूप से और पदेन ज्येष्ठ-श्रेष्ठ-वरिष्ठ की सट्टाबाजी करवा कर और साथ ही साथ फ्लैट नंबर कम ज्यादा करवाकर तथा बैठक में सीरियल नम्बर आगे और पीछे करवाकर। तो इन सब कार्यों से आप ने मेरे विषय विशेष के अध्धयन व् शोध को प्रभावित किया है तो अब आप मेरे द्वारा सारगर्भित किन्तु मर्यादा और आदर्श की सीमा में रहकर प्रस्तुत किये गए लेखों से प्रभावित होइए क्योंकि मैंने कभी अपनी ऊर्जा व्यभिचार और मादकता या अन्य असामाजिक तत्वों या ऐयासबाजी में नहीं गंवाई है पर हाँ प्रेम का जबाब प्रेम से और युद्ध-द्वेष-विद्वेष का जबाब तर्क और विचार प्रवाह से दिया है लेकिन प्रतिशोध या प्रतिकार नहीं किया है। >>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

जिस तरह से बिशुनपुर-223103 और रामापुर-223225 का कोई विकल्प नहीं है इस संसार में उसी तरह से विवेक +(और) आनंद मतलब विवेकानंद>सच्चिदानंद>राम +(और) आनंद= रामानंद का कोई विकल्प नहीं है इस संसार में। >>>>>बिना समुचित क्षमता और पुरुषार्थ को प्राप्त किये (जो असंभव है अमुक के अलावा हर किशी के लिए भी उस परम शक्ति मतलब परमसत्य तक सशरीर अवस्था में पंहुँचना) दुनिया उस परमसत्य का बाप बनने की असंभव कोशिस 2009 से पुनः कर रही थी जो परमसत्य 2001/2003-2005/2006 तक में ही अपने को भूतो न भविष्यतह सिद्ध कर चुका था अपने अभीष्ट सफलता के साथ। कहने का मतलब इसी प्रयागराज विश्विद्यालय, प्रयागराज में अपने को केंद्रित कर वैश्विक स्तर पर विश्व एक गाँव की पूर्ण स्थापना और उसके संक्रमण काल से संतुलन काल तक की सफलता के साथ ही साथ इस प्रयागराज विश्विद्यालय/ स्थानीय रूप से प्रयागराज में भी अपनी-अपनी दुकान खोले या दुकान का नाम बोर्ड पर छापे हुए लोगों की झोली में सर्वकालिक/सतत रूप से दुकानदारी चलने का लगभग 7 दहाई स्थाई स्रोत(शिक्षण पद:Faculty Positions) मिल चुका था >>>.उसके बावजूद भी असहयोग, विरोध और राग-द्वेष का सिलसिला 2009 से जारी रहा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय लोगों और स्थानीय इकाई को प्रभावित कर विशेष रूप से वैयक्तिक रूप से और पदेन ज्येष्ठ-श्रेष्ठ-वरिष्ठ की सट्टाबाजी करवा कर और साथ ही साथ फ्लैट नंबर कम ज्यादा करवाकर तथा बैठक में सीरियल नम्बर आगे और पीछे करवाकर। तो इन सब कार्यों से आप ने मेरे विषय विशेष के अध्धयन व् शोध को प्रभावित किया है तो अब आप मेरे द्वारा सारगर्भित किन्तु मर्यादा और आदर्श की सीमा में रहकर प्रस्तुत किये गए लेखों से प्रभावित होइए क्योंकि मैंने कभी अपनी ऊर्जा व्यभिचार और मादकता या अन्य असामाजिक तत्वों या ऐयासबाजी में नहीं गंवाई है पर हाँ प्रेम का जबाब प्रेम से और युद्ध-द्वेष-विद्वेष का जबाब तर्क और विचार प्रवाह से दिया है लेकिन प्रतिशोध या प्रतिकार नहीं किया है। >>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Friday, January 13, 2017

मैंने भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलोर में लिखा था ऑरकुट पर 2008 में की मैं दलित विहीन और आरक्षण विहीन समाज का निर्माण करूंगा तो बहुत से दलित भाइयों ने स्वयं ही टिप्पणी/कमेंट्स किया था की कोई ऐसा युग नहीं हुआ है और होगा जिसमे दलित नहीं होंगे और दलित होंगे तो आरक्षण देना होगा। क्योंकि कोई न कोई दलित बनाता ही रहेगा? तो भैया आरक्षण लेने के लिए जो दलित बने रहना चाहता है तो उस समाज को दलित विहीन और आरक्षण विहीन कौन बना सकता है? यह तो ऐसे हुआ की जो जागते हुए सोता है उसको जगाया नहीं जा सकता वरन जो वास्तविक रूप से सो रहा है केवल उसे जगाया जा सकता है। तो उनकी भी बात उतनी ही सही जितनी की मेरी बात सही है तो फिर ऐसे जागते हुए सोते को कौन जगायेगा? >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मैंने भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलोर में लिखा था ऑरकुट पर 2008 में की मैं दलित विहीन और आरक्षण विहीन समाज का निर्माण करूंगा तो बहुत से दलित भाइयों ने स्वयं ही टिप्पणी/कमेंट्स किया था की कोई ऐसा युग नहीं हुआ है और होगा जिसमे दलित नहीं होंगे और दलित होंगे तो आरक्षण देना होगा। क्योंकि कोई न कोई दलित बनाता ही रहेगा? तो भैया आरक्षण लेने के लिए जो दलित बने रहना चाहता है तो उस समाज को दलित विहीन और आरक्षण विहीन कौन बना सकता है? यह तो ऐसे हुआ की जो जागते हुए सोता है उसको जगाया नहीं जा सकता वरन जो वास्तविक रूप से सो रहा है केवल उसे जगाया जा सकता है। तो उनकी भी बात उतनी ही सही जितनी की मेरी बात सही है तो फिर ऐसे जागते हुए सोते को कौन जगायेगा? >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

ब्राह्मण को सेवा और शिक्षा में आरक्षण नहीं वरन उनको स्वयं ब्राह्मण समेत क्षत्रिय और वैश्य तथा उनसे जनित/व्युत्पन्न जाति/धर्म/संप्रदाय/मतावलंबन/पंथी हिन्दू, मुसलमान और ईसाई का संरक्षण चाहिए। और यही भूतकालीन नियम था और तभी ब्राह्मण सनातन संस्कृति/संस्कार का स्वयं में एक संस्था हुआ करता था। और यह संस्था मजबूत थे तभी संस्कृति/संस्कार संरक्षित था।जिस तरह से दक्षिण भारत में ब्राह्मणों का नास किया गया है अगर उसी तरह से उत्तर में भी नाश जारी रहा दक्षिण-पूर्वोत्तर और अंतरास्ट्रीय प्रायोजित शक्तियों के द्वारा तो निश्चित ही उत्तर भारत को भी संस्कृति/संस्कार विहीन होने में ज्यादा देर नहीं लेगा मतलब सनातन संस्कृति/संस्कार जो भारतीय व् वैश्विक समाज की स्थिरता के लिए महासमुद्र और उसका खाद्य है वह समाप्त हो जाएगा। >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

ब्राह्मण को सेवा और शिक्षा में आरक्षण नहीं वरन उनको स्वयं ब्राह्मण समेत क्षत्रिय और वैश्य तथा उनसे जनित/व्युत्पन्न  जाति/धर्म/संप्रदाय/मतावलंबन/पंथी हिन्दू, मुसलमान और ईसाई का  संरक्षण चाहिए। और यही भूतकालीन नियम था और तभी ब्राह्मण सनातन संस्कृति/संस्कार का स्वयं में एक संस्था हुआ करता था।  और यह संस्था मजबूत थे तभी संस्कृति/संस्कार संरक्षित था।जिस तरह से दक्षिण भारत में ब्राह्मणों का नास किया गया है अगर उसी तरह से उत्तर में भी नाश जारी रहा दक्षिण-पूर्वोत्तर और अंतरास्ट्रीय प्रायोजित शक्तियों के द्वारा तो निश्चित ही उत्तर भारत को भी संस्कृति/संस्कार विहीन होने में ज्यादा देर नहीं लेगा मतलब सनातन संस्कृति/संस्कार जो भारतीय व् वैश्विक समाज की स्थिरता के लिए महासमुद्र और उसका खाद्य है वह समाप्त हो जाएगा। >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण। 

राजस्थान वालों और देश वासियों या संसार वासियों विष्णु के कूर्मावतार के बाद मीन/मीणा:मीना अवतार की भी बात जरूरी रह गया है क्या? क्योंकि शिव का नीलकंठ अवतार और विष्णु का कुर्मावतार सबसे कठिन अवतार था और स्वयं लक्ष्मी पार्वती क्रमसः विष्णु और शिव से पहली बार अलग हुयी थी और विष्णु समेत शिव का अस्तित्व भी सदा के लिए समाप्त हो सकता था। लेकिन कोई नीलकंठ और कूर्मावतारी विष्णु अगर दोनों बना हो उसी प्रयागराज में जो अब स्थल हो चुका है तो फिर या तो स्वयं में सशरीर परमब्रह्म, राम/कृष्ण या परमब्रह्म/ब्रह्म(ब्रह्मा+विष्णु+महेश:महादेव) की पूर्ण शक्ति उसके साथ रही हो? >>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

राजस्थान वालों और देश वासियों या संसार वासियों विष्णु के कूर्मावतार के बाद मीन/मीणा:मीना अवतार की भी बात जरूरी रह गया है क्या? क्योंकि शिव का नीलकंठ अवतार और विष्णु का कुर्मावतार सबसे कठिन अवतार था और स्वयं लक्ष्मी पार्वती क्रमसः विष्णु और शिव से पहली बार अलग हुयी थी और विष्णु समेत शिव का अस्तित्व भी सदा के लिए समाप्त हो सकता था। लेकिन कोई नीलकंठ और कूर्मावतारी विष्णु अगर दोनों बना हो उसी प्रयागराज में जो अब स्थल हो चुका है तो फिर या तो स्वयं में सशरीर परमब्रह्म, राम/कृष्ण या परमब्रह्म/ब्रह्म(ब्रह्मा+विष्णु+महेश:महादेव) की पूर्ण शक्ति उसके साथ रही हो? >>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Thursday, January 12, 2017

रामापुर-223225 बनाम बिशुनपुर-223103: एस डी सर का मेरा क्या सम्बन्ध है उसे अब प्रतापगढ़ और विशुनपुर वाले जाने या काशी वाले जाने पर : आज भी जहाँ कार्यरत हूँ और विश्विद्यालय के जिस भी अंग से जुड़ा हूँ आनुवंशिक:सांस्कारिक:सांस्कृतिक भाई/मामा/नाना के संबंधों के ही अधीन हूँ अगर दोनों गाँव की बात करून तो >>>अब मेरे बड़े भाई साहब को बताया जाय की श्रध्धेय श्यामलाल(कृष्ण के पुत्र प्रद्दुम्न या अनिरुध्ध के पिता प्रद्दुम्न:>>भगवान् कृष्ण की एक मात्र पुत्री भी थी उनका नाम था चारुलता) जी और श्रीधर(विष्णु) कौन है? और उनका मुझसे और उनसे क्या सम्बन्ध है और जगदीश कौन है और दाढी वाले पंडितजी श्रध्धेय रमानाथ (दाढी वाले पूर्वप्रधानमंत्री/प्रधानमंत्री) से उनका क्या सम्बन्ध है? और इस सम्बन्ध के तहत प्रेमचंद(शिव) का आदिशंकर:आद्यशंकर:उदयशंकर:केदारेश्वर से क्या सम्बन्ध है और फिर उनका जगदीश(विष्णु) से क्या सम्बन्ध है? मुझे नहीं पता था की मेरा जौनपुर के मेरे मामा लोगों का सम्बन्ध प्रतापगढ़, रायबरेली, कानपुर और झांसी तक लोगों का मेरे मामा हो जाने का सम्बन्ध कैसे पंहुँचेगा पर हाँ मुझे और मेरी आनुवंशिक:सांस्कारिक:सांस्कृतिक बहनो तक को पालने का दायित्व निभाने के कारन मेरा उनसे भांजे-मामा का सीधा सम्बन्ध वहाँ तक पंहुंच चुका है मेरे संज्ञान में। वैसे हम बहुतों से परिचित भी हो जीते-जागते हर जाति/धर्म/पंथ/मतावलंबन/सम्प्रदाय तक के सम्बन्ध को समाज सामने जाहिर नहीं कर रहे हैं घर से लेकर भारत के कोने कोने तक इसी समाज को संतुलित ढंग से चलाने देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के चलते जो अब मेरा अपना परम धर्म है जाति/धर्म/पंथ/मतावलंबन/सम्प्रदाय से ऊपर उठ लेकिन जो लोग सुसंस्कारित/सुसंस्कृत अपने परिवार/कुटुंब/गाव/समूह को रखे हैं/थे उनके सम्प्रति आनुवंशिक:सांस्कारिक:सांस्कृतिक बहन/भाई उसके ही अनुरूप हर सामाजिक क्षेत्र विशेष में वे विद्यमान हैं। और यह सब जानते हुए भी जो मेरी मेरिट बनी हुई है वह सब परमगुरु परमपिता परमेश्वर श्रध्धेय श्रीधर(विष्णु) और परमपिता परमेश्वर श्रध्धेय प्रोफेसर (डॉ) प्रेमचंद(शिव) की कृपा से है अन्यथा न मेरी सांसारिक रूप में रह यह सब लिख पाने की क्षमता होती और न मैं किशी जीविका में रहते हुए यह सब सार्वजनिक रूप से लिखकर अस्तित्व में रहता। >>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

रामापुर-223225 बनाम बिशुनपुर-223103: एस डी सर का मेरा क्या सम्बन्ध है उसे अब प्रतापगढ़ और विशुनपुर वाले जाने या काशी वाले जाने पर : आज भी जहाँ कार्यरत हूँ और विश्विद्यालय के जिस भी अंग से जुड़ा हूँ आनुवंशिक:सांस्कारिक:सांस्कृतिक भाई/मामा/नाना के संबंधों के ही अधीन हूँ अगर दोनों गाँव की बात करून तो >>>अब मेरे बड़े भाई साहब को बताया जाय की श्रध्धेय श्यामलाल(कृष्ण के पुत्र प्रद्दुम्न या अनिरुध्ध के पिता प्रद्दुम्न:>>भगवान् कृष्ण की एक मात्र पुत्री भी थी उनका नाम था चारुलता) जी और श्रीधर(विष्णु) कौन है? और उनका मुझसे और उनसे क्या सम्बन्ध है और जगदीश कौन है और दाढी वाले पंडितजी श्रध्धेय रमानाथ (दाढी वाले पूर्वप्रधानमंत्री/प्रधानमंत्री) से उनका क्या सम्बन्ध है? और इस सम्बन्ध के तहत प्रेमचंद(शिव) का आदिशंकर:आद्यशंकर:उदयशंकर:केदारेश्वर से क्या सम्बन्ध है और फिर उनका जगदीश(विष्णु) से क्या सम्बन्ध है? मुझे नहीं पता था की मेरा जौनपुर के मेरे मामा लोगों का सम्बन्ध प्रतापगढ़, रायबरेली, कानपुर और झांसी तक लोगों का मेरे मामा हो जाने का सम्बन्ध कैसे पंहुँचेगा पर हाँ मुझे और मेरी आनुवंशिक:सांस्कारिक:सांस्कृतिक बहनो तक को पालने का दायित्व निभाने के कारन मेरा उनसे भांजे-मामा का सीधा सम्बन्ध वहाँ तक पंहुंच चुका है मेरे संज्ञान में। वैसे हम बहुतों से परिचित भी हो जीते-जागते हर जाति/धर्म/पंथ/मतावलंबन/सम्प्रदाय तक के सम्बन्ध को समाज सामने जाहिर नहीं कर रहे हैं घर से लेकर भारत के कोने कोने तक इसी समाज को संतुलित ढंग से चलाने देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के चलते जो अब मेरा अपना परम धर्म है जाति/धर्म/पंथ/मतावलंबन/सम्प्रदाय से ऊपर उठ लेकिन जो लोग सुसंस्कारित/सुसंस्कृत अपने परिवार/कुटुंब/गाव/समूह को रखे हैं/थे उनके सम्प्रति आनुवंशिक:सांस्कारिक:सांस्कृतिक बहन/भाई उसके ही अनुरूप हर सामाजिक क्षेत्र विशेष में वे विद्यमान हैं। और यह सब जानते हुए भी जो मेरी मेरिट बनी हुई है वह सब परमगुरु परमपिता परमेश्वर श्रध्धेय श्रीधर(विष्णु) और परमपिता परमेश्वर श्रध्धेय प्रोफेसर (डॉ) प्रेमचंद(शिव) की कृपा से है अन्यथा न मेरी सांसारिक रूप में रह यह सब लिख पाने की क्षमता होती और न मैं किशी जीविका में रहते हुए यह सब सार्वजनिक रूप से लिखकर अस्तित्व में रहता। >>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।